रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 8 अक्टूबर को अपने आवासीय कार्यालय में पलामू जिले में नक्सली हमले में शहीद हुए दो पुलिस जवानों— सुनील कुमार राम और संतन कुमार मेहता — के परिजनों को 1.10 करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। राज्य सरकार और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से यह राशि परिजनों के खातों में तुरंत हस्तांतरित कर दी गई। इस मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश: “शहीदों का परिवार हमारा परिवार”
मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद जवानों के परिजनों से आत्मीय बातचीत की और कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा —“शहीद सुनील कुमार राम और संतन कुमार मेहता ने राज्य की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। झारखंड सदैव अपने शहीदों का ऋणी रहेगा।” मुख्यमंत्री ने परिवारों से हिम्मत बनाए रखने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
शहीद जवानों के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि झारखंड सरकार रांची में एक आवासीय विद्यालय स्थापित करेगी, जिसमें शहीद जवानों के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
यह विद्यालय निजी संस्थानों की तर्ज पर संचालित होगा और “झारखंड जगुआर” परिसर की चार एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि विद्यालय का संचालन पुलिस विभाग द्वारा किया जाएगा।
रांची में पुलिस जवानों के लिए बनेगा विशेष अस्पताल
राज्य सरकार पुलिस जवानों के लिए विशेष अस्पताल स्थापित करने पर भी विचार कर रही है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहीद परिवारों को मिलने वाले सभी लाभ शीघ्रता से उपलब्ध कराए जाएं। अधिकारियों के अनुसार दोनों शहीदों की पत्नियां स्नातक हैं, जिन्हें विभागीय नियमों के तहत क्लर्क पद पर नियुक्त किया जाएगा।
सम्पूर्ण सहायता पैकेज
दोनों परिवारों को लगभग दो करोड़ रुपये की कुल सहायता राशि, पेंशन, और अन्य सेवांत लाभ दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राज्य की ओर से शहीदों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।